विधुत परिभाषाएं
किसी भी विधुत सर्किट में करंट, वोल्टेज तथा प्रतिरोध का पारस्परिक संपर्क होता है अर्थात इन तीनों में से एक की अनुपस्थिति में विधुत सर्किट अपूर्ण माना जाता है इसके अलावा कुछ और भी परिभाषाएं है जो विधुत सर्किट के उपर प्रभाव डालता है जो निम्नलिखित है
विधुत धारा
किसी भी विधुत सर्किट में इलेक्ट्रानो के एक ही दिशा में बहने के दर को विधुत धारा कहते हैं इसे कैपिटल लेटर (I) आई से प्रदर्शित करते हैं इसकी इकाई एम्पायर होती है इसे एम्पायर मीटर द्वारा मापा जाता है
इस प्रकार के विधुत धारा दो प्रकार के होते हैं
1. DC (direct current)
2. AC (alternative current)
1. Direct Current
इस तरह की विधुत धारा सीधी दिशा में प्रवाहित होती है अर्थात इसके दिशा और मान में कोई परिवर्तन नहीं होती है इस प्रकार के करंट का निर्माण शेल, बैट्री, DC जनरेटर इत्यादि से किया जाता है इसका प्रयोग बैट्री चार्जिंग एवं इलेक्ट्रौ प्लेटिंग के कार्य के लिए किया जाता है। इस प्रकार के विधुत धारा का उत्पादन 0 से 600 वोल्ट तक होता है।
2. Alternative current
इस प्रकार के विधुत धारा का मान और दिशा दोनों अनिश्चित होता है अर्थात समय के अनुसार मान और दिशा बदलते रहते हैं कभी वह 0 से अधिकतम मान तक बढती है फिर उसी दिशा में 0 तक गिर जाती है इस प्रकार के करंट का उत्पादन AC जनरेटर अथवा Alternator द्वारा किया जाता है इसका उत्पादन क्षमता 0 से 600 मेगावोल्ट तक होती है। इसका प्रयोग सभी AC उपकरणों पर किया जाता है।
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